Chandrapur. वैनगंगा और वर्धा नदी को आयी बाढ़ के कारण अब चंद्रपुर शहर के करीब से गुजरने वाली इराई नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे शहर में नदी किनारे बसी बस्तियों में पल पल बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है.
इराई नदी किनारे बसी शहर की कुछ बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस रहा है, जिससे वहां के नागरिकों में भय की स्थिति निर्माण होने लगी है.
गोसीखुर्द बांध से बड़े पैमाने पर छोड़े जा रहे पानी के कारण वैनगंगा नदी के जलस्तर में इजाफा हो गया है, इस नदी पर बल्लारपुर – राजुरा मार्ग पर बना पुल पानी के नीचे आ जाने से इस मार्ग से होने वाली महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच की अंतरराज्यीय यातायात ठप हो गयी है. वर्धा नदी में बढ़े जलस्तर से इस नदी से मिलने वाली इराई नदी में बैकवाटर जमा होना शुरू हुआ है. इस बैकवाटर से इराई नदी के किनारे बसी बस्तियों में धीरे धीरे पानी फैलना शुरू हुआ है.
मनपा प्रशासन के अनुसार लोअर वर्धा बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे भी वर्धा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और उससे इराई नदी में बैकवाटर बढ़ने लगा है. इराई नदी के किनारे बसी जिन बस्तियों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है, उन बस्तियों से मनपा ने बाढग्रस्तों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना प्रारंभ कर दिया है, रविवार को देर शाम तक 200 से अधिक बाढग्रस्तों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया था, बाढग्रस्तों को जहां शिफ्ट किया गया है, उनमें महात्मा ज्योतिबा फुले स्कूल, घुटकाला स्थित किदवाई हाईस्कूल, लालपेठ स्थित माना प्राथमिक स्कूल तथा महाकाली मंदिर के पास के नागाचार्य मंदिर का समावेश है.




Total Users : 1946
Total views : 3808