Chandrapur 28 सितंबर : स्थानीय जिला पुनर्वास कार्यालय में कार्यरत सहायक राजस्व अधिकारी नरेंद्र विठोबा खांडेकर को भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की ओर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. आरोपी नरेंद्र ने सीटीपीएस की एक प्रकल्प पीड़ित युवती को प्रकल्प पीड़ित प्रमाणपत्र की पुनर्समीक्षा हेतु 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.
सूत्रों के अनुसार भद्रावती निवासी एक शिकायतकर्ता की माँ की जमीन तथा मकान चंद्रपुर ताप बिजलीघर के लिए अधिग्रहित की गई थी. इस जमीन के एवज में शिकायतकर्ता की बेटी का नाम प्रकल्प पीड़ित के रूप में दर्ज किया गया था. इस बीच महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी महाजेनको की ओर से ली गयी एक परीक्षा में यह युवती सफल हुई थी तथा उसकी प्रकल्प पीड़ितों के लिए आरक्षित सीट से महाजेनको में कनिष्ठ अभियंता पद पर नियुक्ति हुई थी.
महाजेनको की ओर से इस चयनित युवती का प्रकल्प पीड़ित प्रमाणपत्र जांच हेतु जिला पुनर्वास कार्यालय में भेजा गया था. किंतु इस प्रमाणपत्र की पुनः जांच हेतु जिला पुनर्वास कार्यालय के सहायक राजस्व अधिकारी नरेंद्र विठोबा खांडेकर ने 2 लाख रुपयों की मांग की थी, बातचीत के बाद 1 लाख 30 हजार की रकम पर समझौता हुआ था. शिकायतकर्ता ने खांडेकर को एक लाख रुपये पहले ही दिए थे तथा 30 हजार रुपये 28 सितंबर को देना तय हुआ था.
इस बीच शिकायतकर्ता ने नरेंद्र खांडेकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में शिकायत दर्ज की.
प्राप्त शिकायत के आधार पर एसीबी के अधिकारियों ने जाल बिछाया तथा चंद्रपुर के प्रशासकीय इमारत में स्थित जिला पुनर्वास कार्यालय में आरोपी नरेंद्र खांडेकर को 30 हजार की रिश्वत स्वीकारते गिरफ्तार किया.



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