Chandrapur 10 अगस्त : शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोतों में से एक इराई नदी का पानी यकायक प्रदूषित हुआ है, इस नदी के पानी का रंग बदलकर लाल, पीला नजर आ रहा है, जिससे मनपा ने तत्काल प्रभाव से शहर के अधिकांश हिस्से में जलापूर्ति को रोक दिया है.
यह पानी यकायक प्रदूषित कैसे हुआ इसको लेकर प्रश्नचिन्ह निर्माण हुए है. महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के स्थानीय अधिकारियों ने इराई नदी के पानी की जांच कर वहां से पानी के सैम्पल्स जांच हेतु जमा किये है. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि, नदी में यह रसायनयुक्त पानी कहाँ से आया है, इस बारे में अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है, यह रसायनयुक्त पानी यकीनन किसी उद्योग से छोड़े गए पानी का नतीजा हो सकता है. यह पानी पीने के लिए कितना योग्य अथवा हानिकारक है, इस बारे में जांच के बाद ही पता चल पाएगा, इसी वजह से इस पानी को दाताला स्थित इंटेक वेल से रामनगर के जलशुद्धिकरण केंद्र तक नहीं आने दिया गया है.
इराई नदी के जलप्रदूषण के लिए समीपवर्ती सीटीपीएस अर्थात महाजेनको का चंद्रपुर बिजलीघर जिम्मेदार होने की आशंका जताई जा रही है.
जिले के पालकमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने इस संदर्भ में जांच के निर्देश दिए है, उन्होंने कहा है कि, अगर इस प्रदूषण के लिए चंद्रपुर का बिजलीघर दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, तब यह नहीं देखा जाएगा कि, वह सरकारी कंपनी है.
इस बीच चंद्रपुर शहर में आज गुरुवार को अधिकांश हिस्से में जलापूर्ति ठप रही, लोग सुबह कॉर्पोरेशन के नलों से पानी मिलने की प्रतीक्षा करते रहे लेकिन कई हिस्सों में नलों में पानी नहीं आया.



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