Chandrapur 8 सितंबर : वन विभाग के बल्लारपुर वन परिक्षेत्र से जीवित बरामद बाघ के शावक की तबियत अब भी नाजुक बनी हुई हैं. इस शावक को जबसे उपचार केंद्र में लाया गया हैं, उसने अभी कुछ भी खाया नहीं हैं और न ही उसने पानी का सेवन किया हैं. जीवित शावक की पल पल नाजुक बनती तबियत को देखते हुए उसे अब नागपुर में एडवांस केअर सेंटर में शिफ्ट करने का निर्णय लेने की बात वन विभाग के मुख्य वनसंरक्षक जितेंद्र रामगावकर ने कही हैं.
इस बीच शावकों से बिछड़ चुकी मादा बाघ की तलाश करने के लिए वन विभाग के कर्मी कलमना के जंगल में चप्पा चप्पा छानने में लगे हुए हैं. जंगल में मादा बाघ का लोकेशन ट्रेस करने में यह कर्मचारी जुटे हुए है. जंगल में कैमरा ट्रैप की संख्या भी अब बढ़ाकर 30 कर दी गयी हैं. वन अधिकारियों को उम्मीद हैं कि, अगर मादा बाघ जीवित हैं तो, वह बिछड़ चुके शावकों की तलाश में यकीनन जंगल में घूमती नजर आ सकती हैं. वन अधिकारियों का अंदाजा हैं कि, इस मादा बाघ की एक्टिविटी रात के समय और बढ़ सकती हैं, यही वजह हैं कि, वन कर्मियों को रात को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं.
,उल्लेखनीय हैं कि, वन विभाग के बल्लारपुर वनपरिक्षेत्र के कलमना उपक्षेत्र के कम्पार्टमेंट क्रमांक 572 में गश्त डाल रहे वन कर्मियों को बाघ के 2 शावक मृत तथा एक शावक गंभीर अवस्था में पाए गए थे. वन कर्मियों ने जीवित बाघ शावक को तुरंत रेस्क्यू कर उसे उपचार हेतु ताडोबा अंधारी अभयारण्य के वन्यजीव उपचार केंद्र में शिफ्ट कर दिया था, जबकि दोनों मृतक शावकों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. जबसे जीवित बाघ शावक को रेस्क्यू सेंटर में लाया जा चुका है, तबसे उसने कुछ भी नहीं खाया हैं, और ना ही उसने पानी का सेवन किया है. कुछ भी नहीं खाने से इस शावक की तबियत पल पल नाजुक बनती जा रही हैं, अगर यही स्थिति रही तो शनिवार को इस सहायक को एडवांस उपचार के लिए नागपुर रवाना करने का निर्णय वन अधिकारियों ने लिया हैं. शावकों से बिछड़ चुकी मादा बाघ के साथ किसी अनहोनी की आशंका को लेकर भी वन विभाग चिंतित हैं.



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