www.samruddharashtra.in

Breaking News
जिला पुनर्वास कार्यालय के सहायक अधिकारी नरेंद्र खांडेकर रिश्वत लेते गिरफ्तार, प्रकल्प पीड़ित प्रमाणपत्र की पुनर्समीक्षा के लिए मांगे 2 लाख चंद्रपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, स्कूलों को दी गयी छुट्टी, इराई डैम के 5 दरवाजें खोले गए नागपुर-पुणे वंदे भारत का 10 अगस्त से शुभारंभ, 12 घंटे से कम समय में पूर्ण होगा सफर चांदा फोर्ट स्टेशन के पास मालगाड़ी पटरी से उतरी, रेल यातायात प्रभावित, वैनगंगा एक्सप्रेस को बल्लारशाह में ही रोका गया. चंद्रपुर रेलवे स्टेशन बनेगा अब टर्मिनल, प्लेटफार्म की संख्या होगी 8, मुंबई, पुणे के लिए सीधी ट्रेनों का रास्ता आसान अवैध सावकारी के आरोप में अशोक ठक्कर समेत 8 के खिलाफ मामला दर्ज, सावकारी के बदले हड़पी लोगों की जमीन

Home » Uncategorized » चंद्रपुर लोकसभा में भाजपा दे सकती है दूसरा चेहरा, कुणबी समाज को लुभाने की होगी कोशिश.

चंद्रपुर लोकसभा में भाजपा दे सकती है दूसरा चेहरा, कुणबी समाज को लुभाने की होगी कोशिश.

Chandrapur 31 अक्टूबर : महाराष्ट्र में मिशन 45 को कामयाब करने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में इस बार दूसरा चेहरा उतार सकती है. इस संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों में से कुछ क्षेत्रों में कुणबी समाज की बहुतायत को ध्यान में रखते हुए भाजपा इस बार कुणबी समाज को लुभाने की भरसक कोशिश करने में लगी हुई है. 

चंद्रपुर क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जो कुछ प्रमुख दावेदारों के नाम सामने आ रहे है, उनमें राज्य के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुणबी समाज के बहुपरिचित अशोक जीवतोड़े का समावेश है. इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा के 2 प्रमुख नेताओं के बीच चल रहे मनमुटाव को देखते हुए भाजपा को यहां प्रत्याशी घोषित करते समय फूंक फूंक कर कदम रखना पड़ सकता है, ऐसे में इस क्षेत्र में ऐन वक्त पर बाहरी प्रत्याशी का नाम भी घोषित किया जा सकता है.
चंद्रपुर संसदीय क्षेत्र में चंद्रपुर जिले के 4 तथा यवतमाल जिले के 2 विधानसभा क्षेत्र समाहित है. इनमें से चंद्रपुर जिले का बल्लारपुर और यवतमाल जिले के वणी और आर्णी ऐसे कुल 3 विधानसभा क्षेत्र भाजपा के पास है, जबकि चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र भले ही निर्दलीय विधायक के पास हो, लेकिन इस विधायक की राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा नेता उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से घनिष्ठता को देखते हुए भाजपा इस क्षेत्र के विधायक किशोर जोरगेवार की लोकसभा चुनाव प्रचार में मदद ले सकती है.

इस क्षेत्र के राजुरा और वरोरा विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के कब्जे में है, और दोनों ही क्षेत्र से निर्वाचित विधायक कुणबी समाज से आते है, अतः भाजपा इस समूचे संसदीय क्षेत्र में कुणबी समाज को लुभाने का भरसक प्रयास कर सकती है.
इस क्षेत्र से संभवित लोकसभा प्रत्याशी के रूप में अव्वल नाम राज्य के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का लिया जा रहा है, उन्होंने वैसी तैयारियां भी शुरू की है. मुनगंटीवार इससे पहले चंद्रपुर से 1989 और 1991 में भाजपा की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके है, किंतु उस वक्त वे सफल नहीं हो सके थे, बाद में उन्होंने लोकसभा का रास्ता छोड़ते हुए महाराष्ट्र विधानसभा की राह पकड़ ली. 1995 से वे लगातार 28 वर्ष से महाराष्ट्र विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे है. वैसे लोकसभा लड़ने को वे उतने इच्छुक नहीं है, किंतु पार्टी के आग्रह पर वे मैदान में उतरने को मजबूर हो सकते है. उन्हें भाजपा की ओर से इस बार लोकसभा में उतारा गया तो उन्हें पूर्व सांसद अहीर की उनके प्रति नाराजगी को दूर करना होगा. चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक जोरगेवार से भी उन्हें हाथ मिलाने की आवश्यकता पड़ेगी.
भाजपा के संभावित प्रत्याशी के रूप में दूसरा नाम पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर का लिया जा रहा है. अहीर इस संसदीय क्षेत्र से 4 बार लोकसभा में निर्वाचित रहे है. 2019 में वे भले ही कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश धानोरकर से पराजित हुए थे, लेकिन पराजय के बावजूद उन्हें प्राप्त वोटों में 2014 के चुनाव की तुलना में बढ़ोतरी ही हुई थी. 2014 में अहीर 5 लाख 08 हजार वोट लेकर निर्वाचित रहे थे जबकि 2019 में वे 5 लाख 14 हजार वोट लेकर भी पराजित रहे थे. अहीर ने पराजय के बावजूद समूचे संसदीय क्षेत्र में पिछले 4 वर्ष से अपने जनसंपर्क में कोई कमी नहीं आने दी है, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में भी है, लेकिन उन्हें मोदी सरकार ने केंद्रीय ओबीसी आयोग का अध्यक्ष पद देकर एक ओर तो पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया हो वही दूसरी ओर लोकसभा की टिकट से थोड़ा दूर भी किया है.

इस क्षेत्र से भाजपा के तीसरे दावेदार अशोक जीवतोड़े शिक्षा क्षेत्र के साथ साथ ओबीसी संगठन का परिचित नाम है. भाजपा नेता तथा उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आग्रह पर ही वे हाल ही में भाजपा में दाखिल हुए है. चंद्रपुर संसदीय क्षेत्र के कुणबी समाज को आकर्षित करने के उद्देश्य से ही उन्हें भाजपा में प्रवेश दिया गया है. वे भी भाजपा की लोकसभा या विधानसभा टिकट मिलने की उम्मीद से ही पार्टी में दाखिल हुए है. अगर लोकसभा नहीं तो फिर वरोरा विधानसभा से वे टिकट मिलने की उम्मीद में है. क्योंकि दिवंगत सांसद सुरेश धानोरकर के देहांत के बाद उनकी विधायक पत्नी प्रतिभा धानोरकर कांग्रेस की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने की पूर्ण तैयारी कर रही है, उन्हें मतदाताओं की सहानुभूति का लाभ भी मिलने की संभावना है, ऐसे में जीवतोड़े की नजर वरोरा में भाजपा की ओर से विधानसभा टिकट पर है.

गौरतलब है कि 1052 से 2019 तक चंद्रपुर संसदीय क्षेत्र में अब तक हुए लोकसभा के कुल 18 चुनावों में कांग्रेस ने सर्वाधिक 11 बार यहां जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा ने यहां 4 बार ही जीत हासिल की है. 2019 में भाजपा की लहर के बावजूद इस क्षेत्र से धानोरकर के रूप में महाराष्ट्र में कांग्रेस की एकमात्र सीट निर्वाचित रही थी. यही वजह है कि, इस बार भाजपा ने चंद्रपुर लोकसभा सीट को सर्वाधिक प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए यह सीट अपने कब्जे में लेने के लिए हरसंभव कोशिश शुरू कर दी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबर

आपकी राय

Poll not found

today rashifal

Our Visitor

0 0 1 9 4 6
Total Users : 1946
Total views : 3808