चंद्रपुर, विधानसभा चुनावों के लिए 20 नवंबर को हुए मतदान के बाद अब सभीं की निगाहें 23 नवंबर को रहे मतगणना की ओर लगी है. इस मतगणना के बाद जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी मैदान में उतरे विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों समेत कुल 94 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला स्पष्ट होगा.
जिले के सभीं 6 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना सुबह 7 बजे से वहां के तहसील मुख्यालयों में होगी. सुबह 9 बजे से सभीं क्षेत्रों से प्राथमिक रुझान मिलने का अनुमान है.
उल्लेखनीय है कि, जिले में 6 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरे कुल 94 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाताओं द्वारा 20 नवंबर को ईवीएम में बंद किया गया है. जिले में जिन दिग्गज प्रत्याशियों की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, उनमें राज्य के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, विधानसभा में नेता विपक्ष विजय वडेटटीवार, विधायक किशोर जोरगेवार, सुभाष धोटे, कीर्तिकुमार भांगड़िया, पूर्व विधायक वामनराव चटप आदि का समावेश है.
चंद्रपुर में हुआ सीधा मुकाबला
इस बार चंद्रपुर क्षेत्र में भाजपा के किशोर जोरगेवार, कांग्रेस के प्रवीण पडवेकर के बीच सीधा संघर्ष देखने मिला. इस क्षेत्र में दलित, मुस्लिम, ओबीसी वोटों के साथ ही भाजपा के बागी प्रत्याशी बृजभूषण पाझारे की उम्मीदवारी निर्णायक रहने वाली है. चंद्रपुर क्षेत्र में इस बार सबसे कम 57.98 प्रतिशत ही मतदान हुआ है, हालांकि क्षेत्र के दलित, मुस्लिम बहुल इलाकों और स्लम एरिया में मतदान का प्रतिशत 80 प्रतिशत से अधिक देखा गया है. जिससे निवर्तमान विधायक जोरगेवार की अस्वस्थता बढ़ी हुई है.
बल्लारपुर में मुनगंटीवार को देनी पड़ी कड़ी टक्कर
बल्लारपुर क्षेत्र में इस बार भाजपा प्रत्याशी सुधीर मुनगंटीवार को अनपेक्षित रूप से कांग्रेस के संतोष रावत को कड़ी टक्कर देनी पड़ी है. सत्तापक्ष के खिलाफ किसानों और बेरोजगारों की नाराजगी का भी यहां मुनगंटीवार को सामना करना पड़ा है. इस क्षेत्र में निर्दलीय अभिलाषा गावतुरे को प्राप्त होने वाले वोटों पर ही यहां भाजपा या कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का फैसला निर्भर है.
राजुरा में चटप और धोटे के बीच हुआ संघर्ष
राजुरा क्षेत्र में वर्तमान विधायक तथा कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष धोटे को भाजपा प्रत्याशी देवराव भोंगले के मुकाबले स्वभाप के वामनराव चटप से ही कड़ा मुकाबला करना पड़ा है. पिछले चुनाव में यहां से चटप को मात्र ढाई हजार वोटों के अंतर से धोटे के हातों पराजय स्वीकारनी पड़ी थी. जिससे यहां मुकाबला रोचक हुआ है.
वरोरा में बहुकोणीय मुकाबला
वरोरा क्षेत्र में बहुकोणीय मुकाबला हुआ है. यहां भाजपा प्रत्याशी करण देवतले, कांग्रेस के प्रवीण काकड़े, वीबीए के अनिल धानोरकर, निर्दलीय मुकेश जीवतोड़े, ड़ॉ चेतन खुटेमाटे और एहतेशाम अली के बीच मुकाबला हुआ है. कुनबी समाज के वोटों के बीच हुए विभाजन पर ही यहां हार जीत का फैसला तय है.
चिमूर में सीधा संघर्ष
चिमूर क्षेत्र में इस बार भाजपा के कीर्तिकुमार भांगड़िया और कांग्रेस के सतीश वारजुकर के बीच सीधा और कड़ा संघर्ष हुआ है. इस क्षेत्र में बंपर वोटिंग हुई है, जिससे विधायक भांगड़िया की बेचैनी बढ़ी हुई है.
ब्रम्हपुरी में वडेटटीवार की प्रतिष्ठा दांव पर
ब्रम्हपुरी क्षेत्र में इस बार कांग्रेस के विजय वडेटटीवार को अनपेक्षित रूप से भाजपा के कृष्णा सहारे से सीधी टक्कर देनी पड़ी है. इस क्षेत्र में भी 80 प्रतिशत से अधिक बंपर वोटिंग हुई है. क्या यह मतदान प्रस्थापितों के खिलाफ है या सत्तापक्ष के खिलाफ पड़ा है, यह उत्सुकता का विषय बना है.
बंपर वोटिंग से बढ़ी अस्वस्थता
जिले में सर्वाधिक 81.75 प्रतिशत मतदान चिमूर में दर्ज हुआ था, ब्रम्हपुरी में 80.54, राजुरा में 72.71, बल्लारपुर में 69.70, वरोरा में 69.48 और सबसे कम 57.98 प्रतिशत मतदान चंद्रपुर क्षेत्र में हुआ था. जिले में इस बार वोटिंग प्रतिशत में महिलाएं अव्वल रही थी. इस बार हुआ यह बंपर वोटिंग किसे लाभ पहुंचाता है और किसे नुकसान करता है, इस ओर ही सबकी निगाहें लगी है.



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