Nagpur 15 दिसंबर : भाजपा के वरिष्ठ नेता, स्थानीय विधायक सुधीर मुनगंटीवार का अंततः मंत्रिमंडल में समावेश नहीं हुआ. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नए मंत्रिमंडल में मुनगंटीवार का पत्ता साफ हुआ है. विगत 15 वर्ष बाद पहली बार चंद्रपुर जिला मंत्रिपद से वंचित रहा है.
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना (शिंदे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) गठबंधन की महायुति को बंपर जीत प्राप्त होने के बाद रविवार 15 दिसंबर को फडणवीस सरकार के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया गया. इस अवसर पर तीनों पार्टियों के कुल 39 विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली. लेकिन महायुति के इस मंत्रिमंडल में भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा स्थानीय विधायक सुधीर मुनगंटीवार को स्थान नहीं मिल सका है, जिससे मुनगंटीवार समर्थकों में निराशा व्याप्त हो गयी है.
15 वर्ष बाद मंत्रिपद से वंचित रहा जिला
महायुत के नए मंत्रिमंडल में चंद्रपुर जिले को स्थान नहीं मिलने से पिछले 15 वर्ष बाद यह जिला मंत्रिपद से वंचित रहा है. वर्ष 1995 में मनोहर जोशी सरकार में जिले से भाजपा की वरिष्ठ नेता शोभा फडणवीस को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. इसी सरकार में चंद्रपुर जिले से सुधीर मुनगंटीवार और रमेश गजबे को राज्यमंत्री बनाया गया था. इसके बाद वर्ष 1999 से 2008 तक पूरे 9 वर्ष तक यह जिला मंत्रिपद से वंचित रहा था.
वर्ष 2009 को अशोक चव्हाण मंत्रिमंडल में इस जिले से कांग्रेस के विजय वडेटटीवार को राज्यमंत्री पद हासिल हुआ था. वर्ष 2010 को इस जिले से कांग्रेस के संजय देवतले को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. वर्ष 2014 को देवेंद्र फडणवीस सरकार में जिले से सुधीर मुनगंटीवार को पुनः मंत्रिपद हासिल हुआ था. इस सरकार में मुनगंटीवार को वित्त एवं नियोजन मंत्रिपद प्राप्त हुआ था. वर्ष 2019 में सत्ता परिवर्तन के बाद उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल में इस जिले को विजय वडेटटीवार के रूप में पुनः कैबिनेट मंत्रिपद प्राप्त हुआ था. इस सरकार में वडेटटीवार को आपदा प्रबंधन समेत कई विभागों का मंत्रिपद सौंपा गया था. वर्ष 2022 में शिवसेना और एनसीपी में बिखराव के बाद भाजपा, शिवसेना और एनसीपी गठबंधन की महायुति की एकनाथ शिंदे सरकार में इस जिले से पुनः एक बार सुधीर मुनगंटीवार को मंत्रिपद प्राप्त हुआ था. लेकिन रविवार 15 दिसंबर को किये गए महायुति के नए मंत्रिमंडल में यह जिला मंत्रिपद से पूर्णतः वंचित रहा है. लगातार सातवी बार विधानसभा में इस जिले से निर्वाचित रहे सुधीर मुनगंटीवार को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया.
बाहरी मंत्री बनेगा पालकमंत्री
नए मंत्रिमंडल में जिले से किसी भी विधायक को स्थान नहीं मिलने से अब इस जिले का पालकमंत्री पद जिले से बाहर के किसी मंत्री के हाथ में जाना अब तय हो गया है. वर्ष 2008 के बाद अब यह पहली बार होगा कि, जिले का पालकमंत्री कोई बाहरी व्यक्ति होगा. वर्ष 1995 में जिले की शोभा फडणवीस के पास इस जिले का पालकमंत्री पद था. वर्ष 1999 से 2009 तक इस जिले का पालकमंत्री पद बाहरी व्यक्ति के पास था. उसके बाद 2010 को जिले के संजय देवतले, 2014 में सुधीर मुनगंटीवार, 2019 में विजय वडेटटीवार और 2022 को सुधीर मुनगंटीवार इस जिले के पालकमंत्री बने थे.



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