Nagpur 16 दिसंबर : विधानसभा में लगातार 7 बार निर्वाचित रहने और वित्त एवं नियोजन मंत्री जैसे उच्चपदस्थ पदों पर सफल कार्य कर दिखाने के बावजूद नए मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से भाजपा के वरिष्ठ नेता,स्थानीय विधायक सुधीर मुनगंटीवार नाराज हुए है. नागपुर में सोमवार से शुरू हुए विधानमंडल के शीत सत्र में पहले दिन अनुपस्थित रहकर मुनगंटीवार ने अपनी नाराजगी स्पष्ट की है.
नागपुर में 16 दिसंबर से विधानमंडल के शीत सत्र की शुरुआत हुई. सत्र के पहले दिन सभागार में सुबह 11 बजे कामकाज शुरू हुआ. राज्य के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नए मंत्रिमंडल की स्थापना के बाद इस सरकार का यह पहला ही सत्र था. सभागार में भाजपा, शिवसेना (शिंदे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) गठबंधन में बनी महायुति के करीब सभीं नए मंत्री तथा विपक्षी दलों के विधायक उपस्थित थे, लेकिन सत्र के पहले दिन सभागार में कामकाज शुरू होने के काफी देर तक भी सुधीर मुनगंटीवार सभागार मे उपस्थित नहीं हुए थे.
गौरतलब है कि, चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित मुनगंटीवार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक माने जाते है. वे लगातार 7 वीं बार निर्वाचित होकर विधानसभा में पहुंचे है. वर्ष 1995 के बाद से राज्य में जब जब भाजपा गठबंधन की सरकार स्थापित हुई है, तब तब मुनगंटीवार को मंत्रिपद हासिल हुआ था. 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी के सरकार में मुनगंटीवार पहली बार राज्यमंत्री बनाये गए थे. तत्पश्चात 2014 में भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में मुनगंटीवार को वित्त एवं नियोजन मंत्रिपद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस में बिखराव के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी सरकार में भी मुनगंटीवार को वन तथा मत्स्य व्यवसाय मंत्री बनाया गया था, लेकिन 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में महायुति को मिली बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनी नई सरकार में मुनगंटीवार को मंत्रिपद से वंचित रहना पड़ा है. मंत्रिपद प्राप्त न होने से जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं तथा मुनगंटीवार के समर्थकों में मायूसी देखी जा रही है. मंत्रिपद प्राप्त नहीं होने से ही स्वयं मुनगंटीवार नाराज होने की आशंका व्यक्त की जा रही है.



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