Chandrapur 14 जनवरी. बल्लारशाह वन क्षेत्र में मंगलवार 14 जनवरी को बेहद दर्दनाक घटना देखने मिली. इस क्षेत्र में एक बाघ ने एक बांस कामगार पर हमला कर उसे दबोचते हुए उसकी जान ले ली. घटना की जानकारी मिलते ही वन कर्मी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े तथा बाघ के चुंगल से श्रमिक को छुड़ाने के प्रयास करते रहे, लेकिन वह बाघ मृत श्रमिक के शव का भक्षण करते हुए करीब 6 घंटे तक वहीं बैठा रहा. श्रमिक को बचाने का प्रयास कर रहे वन कर्मियों पर भी बाघ हमला करने का प्रयास करता रहा. आखिरकार 6 घंटे बाद रैपिड एक्शन टीम ने इस बाघ को शूटर की मदद से बंदूक की सहायता से बेहोशी की दवा वाला इंजेक्शन लगाकर उसे बेहोश किया गया.
यह सनसनीखेज और दर्दनाक घटना मंगलवार को बल्लारशाह वन परिक्षेत्र में बाम्बू संकलन यूनिट क्रमांक 5 के पास घटी. यह बाम्बू डिपो बाम्बू ठेकेदार नगीन पुगलिया का है. इस डिपो पर काम कर रहे लालसिंह बरेलाल मडावी (57) पर अचानक झाड़ियों में छिपकर बैठे बाघ ने हमला कर दिया. बाघ के इस अचानक हमले में लालसिंह की मौके पर ही मौत हो गई. बाघ इस श्रमिक के शव के पास डटा रहा तथा वह शव से मांस भक्षण करता रहा. इस घटना से घबराए अन्य श्रमिकों ने इस बात की सूचना तत्काल वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी. सूचना मिलते ही वन कर्मी घटनास्थल पहुंचे और बाघ के चुंगल से श्रमिक को छुड़ाने के विफल प्रयास करते रहे. लेकिन बाघ को खदेड़ने में वन कर्मियों को सफलता नहीं मिल रही थी. वन कर्मियों के सामने ही बाघ श्रमिक के मांस को तोड़तोड़कर खाये जा रहा था. बाघ को खदेड़ने का प्रयास करने वाले वन कर्मियों पर भी बाघ हमला करने का प्रयास कर रहा था. 6 घंटे तक यही सिलसिला चलता रहा. अंततः शाम 4 बजे वन कर्मियों ने रैपिड एक्शन टीम को बुलाकर शूटर की मदद ली, शूटर ने बंदूक के जरिये डॉट लगते हुए बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया. बेहोश हुए बाघ को पिंजरे में कैद कर उसे वन्यजीव उपचार केंद्र में भेज दिया गया. मृत श्रमिक के शव के पोस्टमार्टम हेतु शव पुलिस को सौंप दिया गया है. मृत श्रमिक मध्यप्रदेश राज्य के मंडला जिले के बिछाया तहसील के मानिकपुर गांव का निवासी है.



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