Chandrapur 11 अप्रैल : जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता हर्ष यशोराम बोहरे के खिलाफ 4.20 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया गया है. इसी मामले में ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में ही कार्यरत वरिष्ठ सहायक सुशील मारोती गुंडावार तथा परिचर मतीन फारुख शेख के खिलाफ भी एसीबी ने कार्रवाई की है.
यह कार्रवाई जिवती निवासी एक ठेकेदार की शिकायत पर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग की स्थानीय टीम ने की है. उक्त ठेकेदार को राज्य सरकार के जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत जिवती तथा राजुरा तहसील में कुल 23 गांवों में जलापूर्ति का काम मिला था, इसमें से 10 गांवों का काम पूर्ण किये जाने के बाद संबंधित ठेकेदार ने कामों के बिल जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में पेश किए थे. इनमें से 5 गांवों के कामों का 43 लाख के बिल की रकम ठेकेदार को प्राप्त हुई थी, शेष 5 गांवों के कामों के बिल की मंजूरी हेतु उक्त ठेकेदार को कार्यकारी अभियंता हर्ष बोहरे ने स्वयं के लिए 4 लाख तथा अपने सहयोगियों के लिए 20 हजार ऐसे कुल मिलाकर 4.20 लाख रुपयों की मांग की थी.
ठेकेदार ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग से की, जिसके आधार पर एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछाया और वरिष्ठ सहायक सुशील गुंडावार को ठेकेदार की तरफ से 4.20 लाख की रिश्वत स्वीकारी. इनमें से 20 हजार रुपये स्वयं के लिए रखते हुए गुंडावार ने शेष 4 लाख की रकम कार्यालय के परिचर मतीन फारुख शेख के हाथों कार्यकारी अभियंता बोहरे के घर भेज दी. एसीबी अधिकारियों ने कार्यकारी अभियंता बोहरे तथा वरिष्ठ सहायक गुंडावार को हिरासत में लिया है, साथ ही रकम घर तक पहुंचाने वाले मतीन शेख को भी गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया है.
यह कार्रवाई एसीबी की पुलिस उप अधीक्षक मंजूषा भोसले तथा उनकी सहयोगी टीम ने की है.



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