Chandrapur 3 नवंबर : यवतमाल जिले के मुकुटबन में निर्माणाधीन बिड़ला ग्रुप के स्वामित्व वाले आरसीसीपीएल सीमेंट कंपनी द्वारा चंद्रपुर जिले में जारी लाइमस्टोन मिनरल का उत्खनन अंततः जिला प्रशासन ने रोक दिया है.
इस सीमेंट कंपनी को लाइमस्टोन के उत्खनन और परिवहन के लिए चंद्रपुर जिले के कोरपना तहसील के ग्राम परसोडा के पास की जमीन उत्खनन एवं परिवहन के लिए राज्य सरकार द्वारा लीज पर दी गयी है. किंतु इस कंपनी द्वारा पेसा कानून का सरेआम उल्लंघन किये जाने का आरोप लगाते हुए ग्राम परसोडा के निवासी नेमीचंद काटकर ने 16 अक्टूबर से बेमियादी अनशन आंदोलन शुरू किया था. उनका आरोप है कि, आरसीसीपीएल सीमेंट कंपनी परसोडा के आसपास की जमीन का नियमानुसार अधिग्रहण किये बगैर एजेंटों के माध्यम से जमीन खरीदते हुए अपने पास ले रही है. जिससे किसानों के साथ अन्याय हो रहा है.
इस आंदोलन की दखल लेते हुए जिला प्रशासन ने अंततः जब तक आरसीसीपीएल कंपनी द्वारा जमीनों की समग्र अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जाती तब तक कंपनी के ग्राम परसोडा में चल रहे लाइमस्टोन के उत्खनन एवं उसके परिवहन पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन के उक्त आदेश के साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर ग्राम परसोडा में आन्दोलनस्थल पर पहुंचे और उन्होंने काटकर का अनशन समाप्त किया. उन्होंने ग्रामवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, जब तक ग्रामीणों की मर्जी के अनुसार आरसीसीपीएल कंपनी काम नहीं करती है, तब तक तुम्हारे संघर्ष का साथ दिया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, आगामी 15 दिनों के भीतर ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा इस मामले की नागपुर विभागीय आयुक्त कार्यालय में बैठक ली जाएगी, जिसमें एकमुश्त जमीन अधिग्रहण का मसला हल किया जाएगा.
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कोरपना के तहसीलदार, थानेदार, पूर्व विधायक संजय धोटे, पूर्व विधायक सुदर्शन निमकर, खुशाल बोंडे, राजू घरोटे प्रमुखता से उपस्थित थे.
गौरतलब है कि, आरसीसीपीएल यह बिड़ला कॉरपोरेशन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है, जो यवतमाल जिले के झरी जामनी के पास स्थित मुकुटबन में 2700 करोड़ की लागत से एक सीमेंट प्लांट शुरू कर चुकी है. इस सीमेंट प्लांट के कारण अब बिड़ला समूह की सीमेंट उत्पादन क्षमता प्रतिवर्ष 20 मिलियन टन तक पहुंच गई है. इस सीमेंट कंपनी को लाइमस्टोन के उत्खनन हेतु चंद्रपुर जिले के कोरपना तहसील स्थित ग्राम परसोडा के पास की जमीन लीज पर प्राप्त हुई है. कंपनी वहां से लाइमस्टोन का उत्खनन और परिवहन कर रही है, जिससे ग्राम परसोडा के साथ साथ आसपास के ग्राम कोठोडा बु, रायपुर, गोविंदपुर, कोठोडा खुर्द, पाऊँडगुडा, माँगरुड़, दुर्गाडी आदि गांवों के किसान प्रभावित हुए है. ग्रामवासियों का आरोप है कि, कंपनी उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं कर रही है, बल्कि कुछ एजेंटों के माध्यम से किसानों को बहला फुसलाकर उन्हें उनकी जमीन बेचने पर मजबूर कर रही है, बाद में कंपनी वह जमीन एजेंटों से खरीद कर उसका मालिकाना हक अपने पास कर रही है.



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