
एलजी ने यमुना कायाकल्प परियोजना का किया निरीक्षण
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी के गांवों की समस्याओं का समाधान नहीं होने और यमुना को प्रदूषण मुक्त नहीं करने के विरोध में रविवार को लाडो सराय में 96 गांवों की खाप की पंचायत हुई। पंचायत में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यमुना की सफाई के लिए चार जून को यमुना संसद संगठन के मानव शृंखला बनाने के कार्यक्रम में वह शिरकत करेंगे।
पंचायत की अध्यक्षता लाडो सराय 96 खाप के प्रधान चौ. नरेश ने की। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई के लिए उनकी खाप ने कमर कस ली है और खाप के अधीन आने वाले समस्त गांवों के निवासी यमुना की सफाई के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पंचायत में दिल्ली पंचायत संघ दिल्ली प्रदेश के प्रमुख थान सिंह यादव ने गांवों की 18 सूत्री मांगों के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहा है और और ग्रामीणों पर उन्हें परेशान करने वाले नियम थोपे जा रहे हैं। इस कारण इन 18 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
चौ. नरेश ने 18 सूत्री मांगों को ग्रामीणों का कवच करार दिया। उन्होंने कहा कि गांवों को हाउस टैक्स, पार्किंग चार्ज आदि टैक्स, सीलिंग, भवन उप नियम आदि से राहत देने और ग्रामीणों को मालिकाना देने की आवश्यकता है। पंचायत में बिहारी वेलफेयर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय के अलावा जेकेबीएम के अध्यक्ष राजेश सेजवाल, साईं जन विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष बीबी मिश्रा भी उपस्थित थे।
एलजी ने यमुना कायाकल्प परियोजना का किया निरीक्षण
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने रविवार को सिग्नेचर ब्रिज से आईटीओ के बीच यमुना कायाकल्प परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष के तौर पर परियोजना के पहले चरण का निरीक्षण कर उन्होंने मौजूदा हालात की समीक्षा की। करीब 11 किलोमीटर तक एलजी ने नाव से हालात का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को नियत समय में इस परियोजना को पूरा करने का निर्देश दिया। समिति की पहली बैठक में दिल्ली और हरियाणा के मुख्य सचिव सहित दूसरी एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने विभागों और संबंधित एजेंसियों को बेहतर सामंजस्य बनाने को कहा ताकि तयशुदा वक्त में यमुना का कायाकल्प हो सके।
फसलें उजाड़ने पर जताई चिंता, मार्च की चेतावनी
चिल्ला यमुना खादर डूब क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (अजगर) की पंचायत हुई। इसमें किसानों एवं खेतिहर मजदूरों की कच्ची फसलें उजाड़ने, झुग्गियां तोड़ने और सिंचाई के साधन समर्सिबल, पंपों को तोड़ने पर चिंता जाहिर की गई। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कसाना ने कहा कि जब तक किसानों, मजदूरों एवं यूनियन के लोगों के साथ किसी सक्षम अधिकारी की वार्ता नहीं हो जाती, तब तक कच्ची फसलों एवं निवासियों की झुग्गियों को नहीं तोड़ा जाए। ऐसा करने पर अधिकारियों के घर पर आंदोलन किया जाएगा।
ढउत्तर प्रदेश किसान यूनियन के अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि खड़ी फसल को उजाड़ना ठीक नहीं है। पंचायत में उपराज्यपाल के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। किसान यूनियन ने कहा कि जबरिया कच्ची फसलों को उजाड़ा गया तो चिल्ला खादर से लेकर एलजी कार्यालय तक किसान पैदल मार्च करेंगे। मुख्य रूप से बालकृष्ण चौहान, सुशील चौहान, राजवीर महेंद्र सिंह, विनोद राणा, अमरपाल महिपाल समेत कई किसान नेता पंचायत में शरीक हुए।



Total Users : 1338
Total views : 2880