Chandrapur : राजुरा निवासी तथा भाजयुमो के पदाधिकारी सचिन डोहे की पत्नी पूर्वाषा की फायरिंग में हुई मौत के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, आरोपियों में एक अवयस्क का समावेश है.
रविवार रात 9 बजे पूर्वाषा की फायरिंग में अकारण मौत हो गयी थी, इस फायरिंग में लल्ली उर्फ बलदेवसिंह शेरगिल नामक एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिस पर चंद्रपुर अस्पताल में उपचार शुरू है. यह घटना राजुरा के सोमनाथपुरा परिसर में हुई थी. इस परिसर में सचिन डोहे का मकान है, तथा लल्ली शेरगिल उनके पड़ोस में रहता है. रात 9 बजे के करीब 2 हमलावरों ने अचानक लल्ली पर हमला कर दिया था, एक हमलावर के हाथ में पिस्तौल था, जिसे देखकर लल्ली ने भागते हुए डोहे के घर में छिपने का प्रयास किया. हमलावर ने लल्ली की दिशा में फायरिंग की थी, बाहर हो रही आवाजें सुनकर सचिन की पत्नी पूर्वाषा ने दरवाजा खोलकर बाहर झांकने की कोशिश की, इसी बीच लल्ली का पीछा कर रहे हमलावर में से एक ने लल्ली की तरफ फायरिंग शुरू की, जिसमें पूर्वाषा के सीने में गोली लगी और उसकी बेवजह मौत हो गयी. इस हमले में लल्ली की पीठ और कमर में गोली लगी थी. इस घटना से जिले में खलबली मच गई थी तथा राजुरा शहर में तनाव की स्थिति निर्माण हो गयी थी.
राजुरा पुलिस ने इस मामले में जिन 2 आरोपियों को हिरासत में लिया है उनमें लबज्योतसिंह हरदेवसिंह देवल (20) तथा 17 वर्षीय अल्पवयस्क का समावेश है. दोनों आरोपी सोमनाथपुरा के ही निवासी है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने लल्ली के साथ चल रही पुरानी दुश्मनी के तहत इस हमले को अंजाम दिया है. लल्ली ने एक वर्ष पूर्व लल्ली ने आरोपी लबज्योतसिंह के किसी अपराध की सूचना पुलिस को दी थी, जिसके आधार पर लबज्योतसिंह के खिलाफ पुलिस ने हथियारबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया था, आरोपियों का कहना है कि, लल्ली ने उसके भाई के साथ मारपीट भी की थी, तबसे वे लल्ली का बदला लेने की फिराक में थे. फायरिंग के बाद से दोनों आरोपी रफूचक्कर हो गए थे.
इस फायरिंग में आरोपियों की तरफ से कुल 4 राउंड फायर किए गए थे, जिनमें से एक गोली लल्ली की पीठ पर और एक अन्य गोली पूर्वाषा को लगी थी. घटना के दौरान पूर्वाषा के पति सचिन डोहे घर मे उपस्थित नहीं थे. पुलिस ने आरोपियों की तरफ से देसी कट्टा तथा 3 कारतूस जब्त किए है.



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