Chandrapur 7 अगस्त : वरोरा पुलिस स्टेशन के ठीक सामने एक महिला द्वारा जहर पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किये जाने की सनसनीखेज घटना 7 अगस्त की शाम 6 बजे हुई. इस घटना से सर्वत्र खलबली मच गई है.
ज्ञात रहे कि, इस महिला ने शिकायत किये जाने के बावजूद पुलिस द्वारा असहयोग किये जाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोताही बरतने से क्षुब्ध होकर यह खुदकुशी के प्रयास किया है. इस संदर्भ में उसने कुछ दिन पहले ही खुदकुशी की चेतावनी दी थी.
यह भी उल्लेखनीय है कि, बीच चौराहे पर अर्धनग्न कर उसके साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने का आरोप उसने लगाया था, इसकी शिकायत भी उसने वरोरा पुलिस स्टेशन में दर्ज की थी, उसका आरोप था कि, एक माह बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है.
आत्महत्या का प्रयास करने वाली इस महिला का कहना था कि, वह ग्राम खांबाड़ा निवासी है. 31 अक्टूबर को वह गांव में ही दुष्कर्म की शिकार हुई थी, इसकी शिकायत उसने पुलिस से की थी, जिसके आधार पर पुलिस ने गांव के ही शेख उरफान के खिलाफ मामला दर्ज किया था. लेकिन जबसे उसने दुष्कर्म के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की तबसे आरोपी के परिजन उसे शिकायत पीछे लेने के लिए निरंतर दबाव बना रहे है, नहीं मानने पर मारपीट पर उतर रहे है. इस बीच 22 जून को आरोपी के परिजनों ने गांव के चौराहे में सबके सामने उसे अर्धनग्न कर मारपीट की. फ़टे हुए कपड़ों के साथ ही उसने वरोरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया , लेकिन वहां तैनात सहायक पुलिस निरीक्षक चवरे ने बजाय शिकायत दर्ज करने के, उसे ही बेइज्जत कर हकाल दिया.
उसने यह भी बताया था कि, वरोरा पुलिस स्टेशन से सहयोग नहीं मिलने पर उसने सीधे नागपुर जाकर विशेष पुलिस महानिरीक्षक के पास शिकायत की, उनके निर्देश पर वरोरा पुलिस ने अंततः 4 आरोपियों के खिलाफ 9 जुलाई को एट्रोसिटी के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें शेख रिजवान, शेख मौसिम, शेख दानिश और शेख मोहम्मद का समावेश है.
पीड़िता का उस समय आरोप था कि, एट्रोसिटी का मामला दर्ज किए जाने को अभी एक माह का समय हो गया है, बावजूद इसके पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, उसका आरोप है कि, यह आरोपी वरोरा पुलिस स्टेशन के एपीआई चवरे के करीबी होने से वे आरोपियों को गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रहे है. उक्त आरोपियों से उसे जान का खतरा है. उसने कहा था कि, एक सप्ताह के भीतर अगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने जहर पीकर खुदकुशी करेगी, इसके लिए सर्वथा आरोपी और उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे एपीआई जिम्मेदार रहेंगे.
अपनी उस चेतावनी को सोमवार को इस महिला ने प्रत्यक्ष रूप देते हुए पुलिस स्टेशन के सामने ही जहर गटक लिया. उसकी तबियत चिंताजनक बताई जा रही है, उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है.



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