Jalna 12 सितंबर : मराठा समाज को आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मनोज जरांगे ने सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए अपना आंदोलन स्थगित करने की पेशकश दी.
अंतरवाली सराटी गांव में अनशन कर रहे जरांगे ने आन्दोलनस्थल पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए अपना अनशन स्थगित करने की सरकार को पेशकश देते हुए कहा कि, वे कभी मराठा समाज के साथ गद्दारी नहीं करेंगे, अगर इस एक माह में सरकार ने मराठा समाज को समग्र आरक्षण घोषित नहीं किया तो वे एक माह बाद इससे भी बड़ा अनशन आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि, सराटी में आरक्षण की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ दायर सभीं मामले रद्द करने चाहिए. उन्होंने कहा कि, यह उनके अकेले का आंदोनल था, लेकिन समाज के नागरिकों ने इसे जनांदोलन का स्वरूप दिया. उन्होंने कहा कि, वे कभी ऐसा कदम नही उठाएंगे जिससे समाज को दाग लगेगा. उन्होंने कहा कि, उनके सरकार को 5 सवाल हैं, समिति की रिपोर्ट चाहे जो हो, महाराष्ट्र के मराठा समाज को समग्र प्रमाणपत्र मिलने चाहिए, आंदोलनकारियों के खिलाफ दायर सभी मामले रद्द करें, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, उदयन राजे और संभाजी राजे यहां उपस्थित होकर लिखित रूप से आश्वासन देते हो, तो ही वे अनशन खत्म करेंगे. वे समाज के लिए एक कदम पीछे लेने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि, मराठा समाज की आरक्षण के लिए यह अंतिम लड़ाई हैं, दूरदृष्टि के बगैर तथा वाहनों को जलाकर आरक्षण मिलेगा नहीं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर एक माह में सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो अगले माह 12 अक्टूबर को एक विराट जनसभा लेकर मराठा समाज का बड़ा अनशन शुरू करेंगे. राज्यभर में अहिंसक रूप से आंदोलन होगा. समाज की प्रतिष्ठा को दाग नहीं लगना चाहिए.
जरांगे की इस पेशकश के बाद राज्य सरकार क्या भूमिका अपनाती है, और जरांगे का अनशन स्थगित होता हैं, या जारी रहता हैं, इस ओर सबकी निगाहें लगी हुई हैं.



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