Mumbai 22 अक्टूबर : महाराष्ट्र में बियर की बिक्री में निरंतर हो रही गिरावट ने राज्य सरकार को चिंता में डाल दिया है. बियर की आबकारी करों में वृद्धि से ही बियर महंगी हुई है, और उसका विपरीत असर बियर की बिक्री पर पड़ने के नतीजे पर सरकार आई है. बियर की खपत घटने से राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी कमी आने से सरकार परेशान है. बियर की कीमतें कम कर राज्य में बियर की खपत बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अब एक अध्ययन समिति का गठन किया है.
यह समिति राज्य में बियर पर लगने वाले आबकारी कर में हुई वृद्धि से बियर की खपत में कितनी गिरावट हुई है, उससे राजस्व को कितना नुकसान हुआ है, अन्य राज्यों में बियर की कीमतें, खपत और उससे मिल रहे राजस्व की क्या स्थिति है, महाराष्ट्र में अगर बियर की कीमतों में कमी की जाती है तो, उससे सरकार के राजस्व में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है, आदि सवालों पर अध्ययन कर उसके जवाब तलाशने का काम करने वाली है.
अन्य देशी विदेशी शराबों में अल्कोहोल की मात्रा अधिक होने के बावजूद शराब की कीमतें बियर से कम होने से लोग बियर की तुलना में अन्य देशी विदेशी शराब को ज़्यादा प्राथमिकता दे रहे है इसका भी एहसास राज्य सरकार को हुआ है.
बियर की कीमतों पर पुनर्विचार कर उसकी खपत बढ़ाने और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से गठित इस अध्ययन समिति के अध्यक्ष के रूप में राज्य आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव को नियुक्त किया गया है. समिति में इसी विभाग के आयुक्त, उप सचिव, अपर सचिव सहित आल इंडिया ब्रुवरिज असोसिएशन के प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में लिया है. इस समिति को अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के लिए एक माह की अवधि तय कर दी गयी है.




Total Users : 1946
Total views : 3808