Chandrapur 31 अक्टूबर : मुंबई, पुणे जैसे बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर बरामद किए जाने वाले मेफेड्रोन नामक ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ने में चंद्रपुर पुलिस को सफलता हाथ लगी है. एमडी इस संक्षेप नाम से पहचाने जाने वाले इस ड्रग्स की बड़ी मात्रा शहर में पकड़े जाने से सर्वत्र खलबली मच गई है. या कार्रवाई स्थानीय अपराध शाखा द्वारा की गई. इस संदर्भ में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए ड्रग्स की कीमत करीब 20 लाख बताई जा रही है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना के तहत यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि, कुछ लोग ड्रग्स की बड़ी खेप लेकर नागपुर से चंद्रपुर आ रहे है. प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी करते हुए पडोली में तलाशी अभियान शुरू किया, इस बीच पुलिस ने एमएच 34 बीआर 5951 क्रमांक की एक कार की तलाशी ली, इस कार की ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे एक व्यक्ति के हाथ में एक बैग बरामद हुई, बैग की तलाशी लिए जाने पर उसमें 198 ग्राम मेफेड्रोन अर्थात एमडी नामक ड्रग्स पाया गया, जिसकी कीमत 19 लाख से अधिक की है. इस कार से पुलिस ने एक तलवार भी जब्त की. पुलिस ने कार में सवार 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें शाहरुख मतलुब खान (28) और साहिल इजराइल शेख (28) का समावेश है. यह दोनों आरोपी घुग्घुस के शालिकग्राम नगर के निवासी है. पुलिस ने आरोपियों की बलेनो नामक कार भी जब्त की. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मादक द्रव्य प्रतिबंधक कानून के साथ साथ हथियार बंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रविंद्रसिंह परदेसी तथा अपर पुलिस अधीक्षक रीना जनबंधु के निर्देशन में एलसीबी के पुलिस निरीक्षक महेश कोंडावार तथा उनकी टीम ने की.
उल्लेखनीय है कि, मेफेड्रोन अर्थात एमडी यह एक उत्तेजक दवा है.
इसका उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है. इस मादक पदार्थ का असर कोकीन के समान होता है. यह भी बताया जाता है कि, यह ड्रग्स शहर में लाने वाले पैडलर ग्राहक के रूप में स्कूली तथा कॉलेज के छात्रों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते है. यह एक सिंथेटिक खाद होता है, जो पावडर या क्रिस्टल के रूप में उपलब्ध होता है. पिछले कुछ दिनों से बड़े शहरों में नशे के सौदागरों द्वारा युवाओं को एमडी के जाल में जकड़ रहे है, उन्हें इसकी लत लगा रहे है. इसी जाल के तार अब चंद्रपुर जैसे शहरों तक भी पहुंच चुके है. इस मादक पदार्थ को नशेड़ियों में म्याऊं म्याऊं के नाम से भी जाना जाता है. नशे के सौदागर अपने ग्राहक तलाशने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे है. सोशल मीडिया से कॉलेज के छात्रों को पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है, बाद में धीरे धीरे उन्हें एमडी की ओर आकर्षित किया जाता है. धीरे धीरे इसकी लत लग जाती है, लत लगने पर नशेड़ी इसकी अधिक मात्रा में सेवन शुरू करता है और लेनेवाला फिर अवसाद का शिकार बनता जाता है.



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