Chandrapur 11 नवंबर : बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम हेतु मुंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार 10 नवंबर को एक संशोधित आदेश जारी करते हुए पटाखें जलाने के लिए रात 8 से 10 बजे तक सिर्फ 2 घंटे की अनुमति प्रदान की है. 
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद राज्य के प्रमुख शहरों समेत नागपुर महानगर पालिका ने भी शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने के प्रयास में, पटाखे फोड़ने के लिए एक तय समय घोषित किया है. नागपुर मनपा के आयुक्त ड़ॉ अभिजीत चौधरी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, नागरिकों से प्रदूषण की रोकथाम के मद्देनजर स्वच्छ और दरित दिवाली के लिए रात 8 बजे से 10 बजे के निर्दिष्ट समय के दौरान कम वायु और ध्वनि प्रदूषण वाले पटाखे फोड़ने का आग्रह किया गया है. मुंबई उच्च न्यायालय और महाराष्ट्र सरकार के आदेशों के बाद, यह निर्देश जारी किए जा चुके है.
गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले के मद्देनजर, मुंबई उच्च न्यायालय ने अपने 6 नवंबर के आदेश को संशोधित कर मुंबई और आसपास के इलाकों में पटाखे फोड़ने के लिए रात 8 बजे से 10 बजे के बीच दो घंटे की नई छूट दी है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य प्राधिकारियों से पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन करने को भी कहा है.बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को संशोधित किया है, अब दिवाली के दौरान केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई है. यह निर्णय महाराष्ट्र के सभी नगरपालिका प्राधिकरणों की सीमा के भीतर लागू करने के भी निर्देश जारी किए गए है.
शुक्रवार को एक सुनवाई में, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने यह आदेश जारी किए है.
चंद्रपुर मनपा बेफिक्र
उल्लेखनीय है कि, औद्योगिक रूप से विकसित चंद्रपुर जिले में भी वायु प्रदूषण की बड़ी समस्या है. वायु प्रदूषण के मामले में यह जिला राज्य के प्रमुख सर्वाधिक प्रदूषित जिलों में हमेशा अग्रणी रहता है. आम तौर पर इस जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक ( AQI ) 200 के करीब होता है, दीवाली के सीजन में यह सूचकांक 300 से अधिक भी पाया जा चुका है, जो स्वास्थ्य के लिए विशेषतः श्वसन संबंधी शिकायतों वाले मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए हानिकारक माना जाता है. उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल और स्थानीय मनपा प्रशासन द्वारा भी जिले में पटाखें जलाने के लिए सिर्फ 2 घंटे की ही अनुमति प्रदान किए जाने की उम्मीद पर्यावरण प्रेमियों द्वारा जताई जा रही है, हालांकि अभी तक स्थानीय प्रशासन द्वारा इस तरह का कोई आदेश या दिशा निर्देश जारी नहीं किये गए है.




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