Gadchiroli 13 मार्च : भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र से लड़ने वाले पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित की गई, लेकिन इस सूची में गड़चिरोली-चिमूर संसदीय क्षेत्र का नाम नहीं होने से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे भाजपा के वर्तमान सांसद अशोक नेते के कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गयी है. कार्यकर्ताओं को अब यह भय सता रहा है कि, कही यह सीट महायुति के घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार के कोटे में न खिसक जाए.
गड़चिरोली-चिमूर संसदीय क्षेत्र से अशोक नेते लगातार 2 बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित होकर लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे है. इसके पहले वे गड़चिरोली विधानसभा क्षेत्र से 2 बार महाराष्ट्र विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है. इस बार भी वे भाजपा से टिकट मिलने और जीत की हैट्रिक करने की उम्मीद लगाए बैठे है. लेकिन जबसे राज्य में भाजपा के साथ अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सत्ता में शामिल हुई है, तबसे गड़चिरोली-चिमूर संसदीय क्षेत्र में हलचल निर्माण हुई है और इस क्षेत्र की सीट पर महायुति के प्रत्याशी के रूप में अजित पवार कोटे से राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिले के कद्दावर नेता धर्मराव बाबा आत्राम का नाम घोषित होने की अटकलें लगाई जा रही है. इन्हीं अटकलों के बीच बुधवार को भाजपा ने महाराष्ट्र से लड़ने वाले अपने 20 प्रत्याशियों के नाम घोषित किये, लेकिन इस प्रथम सूची में गड़चिरोली क्षेत्र का उल्लेख न पाकर भाजपा के वर्तमान सांसद अशोक नेते की और उनके कार्यकर्ताओं की धड़कनें बढ़ गयी है. बताया जाता है कि, महायुति के बीच 30-11-7 का फार्मूला लगभग तय हो चुका है. जिसके अनुसार महाराष्ट्र से भाजपा के 30 प्रत्याशी खड़े होंगे, जबकि 11 सीटें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के रूप में शिवसेना के कोटे में जाएगी और शेष 7 सीटें महायुति के तीसरे घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार के कोटे को दी जाएगी. भाजपा की महाराष्ट्र के प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित किये जाने के बाद अब सांसद अशोक नेते के समर्थकों की निगाहें महाराष्ट्र से भाजपा की टिकट पर लड़ने वाले अधिकृत प्रत्याशियों की दूसरी सूची पर टिकी हुई है. इन समर्थकों के हाथ निराशा लगती है या सफलता यह आने वाला समय ही स्पष्ट करेगा.



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