Chandrapur 21 अक्टूबर : स्थानीय निर्दलीय विधायक किशोर जोरगेवार की इस विधानसभा चुनाव में स्थिति ‘इधर चला मैं उधर चला, जाने कहाँ मैं, किधर चला’ जैसी हो गयी है.
अब तक महायुति के कट्टर समर्थक रहे जोरगेवार को जब महायुति की ओर से विधानसभा चुनाव में चंद्रपुर सीट से टिकट मिलने में कठियाईयाँ आती रही तब जोरगेवार ने मजबूरन महायुति के चक्कर मे पड़ने की बजाय महाविकास आघाडी की ओर से टिकट प्राप्त करने की कोशिश शुरू की. लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में जोरगेवार को लेकर मिले अनुभव को देखते हुए महाविकास आघाडी के घटक दल कांग्रेस ने जोरगेवार को पार्टी का टिकट देने में खास रुचि नहीं दिखाई. अंत में जोरगेवार ने महाविकास आघाडी के दूसरे घटक दल एनसीपी (शरद पवार) के माध्यम से महाविकास आघाडी का टिकट हासिल करने के प्रयास तेज कर दिए. उनके प्रयास सफल भी होने लगे थे, वे एक दो दिनों में एनसीपी (एसपी) में अधिकृत प्रवेश भी करने निकले थे. वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ मुंबई में शरद पवार से मिलने निकले ही थे कि, इधर उनकी माताजी गंगूबाई जोरगेवार के निधन की खबर सामने आई, जोरगेवार को मुंबई की ओर शुरू किया सफर बीच रास्ते में ही छोड़कर चंद्रपुर वापस लौटना पड़ा.
इस बीच अब खबर यह आ रही है कि, जोरगेवार को महायुति की ओर से चंद्रपुर सीट पर टिकट देने के लिए भाजपा तैयार हो गयी है. रविवार की रात को मुंबई से यह खबर बाहर निकलकर आयी कि, भाजपा उन्हें चंद्रपुर से टिकट देने को तैयार है. यह भी बताया जा रहा है कि, जोरगेवार को भाजपा से लड़ाने के लिए भाजपा की स्थानीय वरिष्ठ नेता शोभा फडणवीस ने पार्टी के पास मध्यस्थता की है. उनकी मध्यस्थता के बाद ही भाजपा जोरगेवार को टिकट देने का मन बना रही है. हालांकि उम्मीदवारी की अभी अधिकृत घोषणा नहीं हो सकी है.
कुलमिलाकर जोरगेवार की ट्रेन जो 3 दिन पहले एनसीपी (एसपी) की दिशा में निकल पड़ी थी, वह अब बीच राह में भाजपा के प्लेटफार्म पर आकर खड़ी हो गयी है. देखना यह है कि, उनकी ट्रेन भाजपा के पास ही रुकी रहती है या आगे बढ़कर महाविकास आघाडी के स्टेशन की दिशा में अपनी यात्रा शुरू करती है.



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