Chandrapur 24 अक्टूबर : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही 15 अक्टूबर से सर्वत्र चुनाव की आदर्श आचारसंहिता लागू हुई है, यह आचारसंहिता लागू हुए 10 दिन होने को है,बावजूद इसके जिले में राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं के बड़े बड़े होर्डिंग्स, बैनर अब भी शहर के मुख्य चौराहों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने में लगे हुए है. यह होर्डिंग्स चुनावी आचारसंहिता के दायरे में आते है या यह आचारसंहिता का उल्लंघन है, शहर के हर चौराहों पर झलक रहे यह सभी होर्डिंग्स क्या जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति से लगाये गए है, अगर यह पूर्व अनुमति के बगैर लगाए गए है और यह आचारसंहिता का उल्लंघन है, तो इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है, क्यों जिला प्रशासन इस बारे में मूकदर्शक बना हुआ है, ऐसे सवाल अब आम नागरिकों के मन में उठ रहे है.
उल्लेखनीय है कि, चुनावी आचारसंहिता लागू होते ही जिला प्रशासन को 72 घंटे के भीतर ही सभीं सरकारी कार्यालयों, परिसरों, सार्वजनिक स्थलों तथा निजी इमारतों पर लगे राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं, राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों के फोटो, बैनर्स, पोस्टर्स, होर्डिंग्स, कटआउट, ध्वज, प्रसिद्धि पत्रक आदि को हटाना अनिवार्य किया गया है. स्थानीय जिला प्रशासन ने भी जिले में 72 घंटे में 3800 से अधिक पोस्टर्स, 3200 से अधिक बैनर्स और 1200 से अधिक होर्डिंग्स हटा लिए थे.
इसके बावजूद भी जिले में खासकर चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में आचारसंहिता जारी होने के सप्ताह बाद भी कई स्थानों पर बड़े बड़े राजनीतिक होर्डिंग्स दिखाई दे रहे है. जन्मदिन की शुभकामनाओं के नाम पर शिवसेना (शिंदे) गुट के पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए यह होर्डिंग्स चंद्रपुर शहर में प्रियदर्शिनी चौक, अचलेश्वर चौक आदि स्थानों पर अब भी राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे है. इस होर्डिंग्स पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत संबंधित राजनीतिक पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों के फ़ोटो झलक रहे है. स्थानीय गिरनार चौक में भी भाजपा के एक पदाधिकारी तथा चंद्रपुर क्षेत्र से भाजपा के संभावित प्रत्याशी ने एक बड़ा होर्डिंग लगाया हुआ है, जिसमें भाजपा के स्थानीय नेताओं की तस्वीरें लगी हुई है. उक्त होर्डिंग्स को लेकर आम नागरिकों में अब चुनावी आचारसंहिता के जिले में अनुपालन को लेकर अनगिनत सवाल उपस्थित किये जा रहे है.



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